होशियार चीन! वायुसेना के हाथ में आज आ रहा 'ब्रह्मास्त्र' राफेल

अंबाला भारत-चीन सीमा पर तनातनी के बीच भारतीय वायुसेना गुरुवार को लड़ाकू विमानों को औपचारिक तौर पर अपने बेड़े में शामिल करेगी। राफेल को अंबाला एयरबेस पर 17 स्कवॉड्रन 'गोल्डन ऐरोज़' में शामिल किया जाएगा। इस दौरान अंबाला एयरबेस में फाइटर जेट के इंडक्शन की औपचारिक सेरेमनी भी होगी। सेरेमनी में शामिल होने के लिए फ्रांस की रक्षा मंत्री फ्लोरेंस पार्ली भी भारत आ रही हैं। इस भव्य कार्यक्रम में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, सीडीएस जनरल बिपिन रावत, एयरफोर्स चीफ आरकेएस भदौरिया भी मौजूद रहेंगे। फ्रांस के साथ हुए समझौते के तहत की पहली खेप जुलाई में अंबाला एयरबेस पहुंची थी। इसमें पांच राफेल शामिल थे। इंडक्शन सेरेमनी में फ्रांस की रक्षा मंत्री के साथ डिफेंस मैन्युफैक्चर इंडस्ट्री के कुछ प्रतिनिधि भी मौजूद रहेंगे। अंबाला में राफेल की इंडक्शन सेरेमनी में पारंपरिक तौर पर होने वाली सर्वधर्म पूजा होगी। वहीं, राफेल फाइटर जेट के साथ ही स्वदेशी तेजस एयरक्राफ्ट का भी एयर डिस्प्ले होगा। सारंग एरोबेटिक टीम भी परफॉर्म करेगी। इसके बाद राफेल को पारंपरिक वॉटर कैनन सल्यूट दिया जाएगा। इंडक्शन सेरेमनी के बाद भारत और फ्रांस के प्रतिनिधिमंडल के बीच द्विपक्षीय बैठक होगी। यह भी पढ़ेंः 36 राफेल से बनेंगी दो फाइटर स्क्वॉड्रन जानकारी के मुताबिक, अगले दो साल के अंदर भारतीय वायुसेना को सभी 36 राफेल मिल जाएंगे। इससे वायुसेना की दो फाइटर स्क्वॉड्रन बनेगी। पहली स्क्वॉड्रन वेस्टर्न सेक्टर में यानी अंबाला में होगी और दूसरी स्क्वॉड्रन पश्चिम बंगाल के हाशिमारा में होगी जो चीन बॉर्डर पर पैदा हुए खतरों से निपटेगी। साल 2016 में गवर्नमेंट टू गवर्नमेंट अग्रीमेंट के जरिए 36 राफेल जेट खरीदने की डील हुई थी। इसे लेकर काफी राजनीतिक विवाद भी हुआ था। राफेल का पहला बैच 29 जुलाई को अंबाला एयरफोर्स बेस पहुंचा था। इनमें तीन सिंगल सीटर और दो ट्विन सीटर जेट हैं। अंबाला एयरबेस में जगुआर और मिग-21 फाइटर जेट भी हैं। राफेल का दूसरा बैच अक्टूबर तक आने की उम्मीद है। इसमें तीन से चार फाइटर जेट हो सकते हैं। 17वीं स्क्वॉड्रन का हिस्सा बनेंगे ये जेट राफेल फाइटर जेट वायुसेना की 17वीं स्कवॉड्रन का हिस्सा बनेंगे। इस स्क्वॉड्रन को गोल्डन ऐरो स्क्वॉड्रन नाम दिया गया है। 17 वीं स्क्वॉड्रन को करगिल युद्ध के दौरान पूर्व एयरफोर्स चीफ बीएस धनोवा कमांड कर रहे थे। यह स्क्वॉड्रन 1951 में बनी थी और तब भटिंडा एयरबेस से ऑपरेट करती थी। जब मिग-21 फाइटर जेट फेजआउट होने लगे तो यह 2016 में डिस्बैंड हो गई। अब यह स्क्वॉड्रन राफेल की होगी। 30 फाइटर जेट और 6 ट्रेनर जेट फ्रांस से लिए जा रहे राफेल में भारत की जरूरत और परिस्थितियों के हिसाब से 13 बदलाव किए जाएंगे। जब 2022 में डिलीवरी पूरी हो जाएगी उसके बाद यह सारे बदलाव इसमें इंटीग्रेटेड होंगे। 36 राफेल जो भारत को मिलेंगे उसमें से 30 फाइटर जेट हैं और 6 ट्रेनर जेट हैं। ट्रेनर जेट दो सीटों वाले हैं और उनमें भी वह सभी फीचर हैं जो फाइटर जेट में हैं। यह भी पढ़ेंः राफेल से घबराया पाकिस्तान! भारतीय वायुसेना में राफेल फाइटर जेट के शामिल होने से पाकिस्तान बुरी तरह घबराया हुआ है। पाकिस्तान के डर का अंदाजा इससे ही लगाया जा सकता है कि वह अभी से अपने सदाबहार दोस्त चीन से मिसाइल और फाइटर जेट देने की मिन्नतें करने लगा है। पाकिस्तानी एयरफोर्स ने चीन से 30 की संख्या में J-10CE फाइटर जेट और आधुनिक एयर टू एयर मिसाइल की मांग की है। पाकिस्तान ने साल 2009 में ही चीन से J-10CE फाइटर जेट की मांग की थी। लेकिन, तब चीन और पाकिस्तान ने जेएफ-17 फाइटर जेट बनाने का काम शुरू कर दिया। इसके कारण यह डील परवान न चढ़ सकी। अब भारत के पास राफेल आने के बाद इस डील को लेकर पाकिस्तान और चीन के बीच फिर बातचीत शुरू हो गई है। इसके अलावा पाकिस्तान ने चीन से हवा से हवा में मार करने वाली शार्ट रेंज की पीएल-10 और लंबी दूरी की पीएल-15 मिसाइलों की डिमांड भी की है। चीन ने इसी जहाज को भारत के खिलाफ होटान एयरबेस पर तैनात किया है।


from India News: इंडिया न्यूज़, India News in Hindi, भारत समाचार, Bharat Samachar, Bharat News in Hindi https://ift.tt/33eh7oj
होशियार चीन! वायुसेना के हाथ में आज आ रहा 'ब्रह्मास्त्र' राफेल होशियार चीन! वायुसेना के हाथ में आज आ रहा 'ब्रह्मास्त्र' राफेल Reviewed by IB CITY on 9:47 AM Rating: 5

No comments:

Thanks for visit IB City

Powered by Blogger.