भारत बायोटेक को उम्मीद है कि वह जून 2021 तक Covaxin के लिए रेगुरेलटरी अप्रूवल की खातिर अप्लाई कर देगी। कंपनी का अनुमान है कि देश में जारी ट्रायल्स से डेटा निकालने में उसे कम से कम छह महीने का वक्त लगेगा। हमारे सहयोगी द इकॉनमिक टाइम्स से बातचीत मे भारत बायोटेक के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर साई प्रसाद ने कहा है कि कंपनी ने वैक्सीन के इमर्जेंसी अप्रूवल के लिए भी सरकार से बात नहीं है। फिलहाल Covaxin का फेज 1-2 क्लिनिकल ट्रायल पूरा हो चुका है। जल्द ही 26 हजार से ज्यादा पार्टिसिपेंट्स पर इस वैक्सीन का फेज 3 ट्रायल शुरू होगा। कंपनी ने कोरोना वायरस वैक्सीन पर 400 करोड़ रुपये का इनवेस्टमेंट किया है जिसमें से अधिकतर ट्रायल पर खर्च किया जा रहा है।Covaxin launch date: भारत सरकार ने इशारा किया था कि मार्च 2021 तक कोरोना वायरस की वैक्सीन अप्रूव हो सकती है। Bharat Biotech के अलावा भारत में Serum Institute of India और Zydus Cadila की वैक्सीन का ट्रायल भी चल रहा है।

भारत बायोटेक को उम्मीद है कि वह जून 2021 तक Covaxin के लिए रेगुरेलटरी अप्रूवल की खातिर अप्लाई कर देगी। कंपनी का अनुमान है कि देश में जारी ट्रायल्स से डेटा निकालने में उसे कम से कम छह महीने का वक्त लगेगा। हमारे सहयोगी द इकॉनमिक टाइम्स से बातचीत मे भारत बायोटेक के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर साई प्रसाद ने कहा है कि कंपनी ने वैक्सीन के इमर्जेंसी अप्रूवल के लिए भी सरकार से बात नहीं है। फिलहाल Covaxin का फेज 1-2 क्लिनिकल ट्रायल पूरा हो चुका है। जल्द ही 26 हजार से ज्यादा पार्टिसिपेंट्स पर इस वैक्सीन का फेज 3 ट्रायल शुरू होगा। कंपनी ने कोरोना वायरस वैक्सीन पर 400 करोड़ रुपये का इनवेस्टमेंट किया है जिसमें से अधिकतर ट्रायल पर खर्च किया जा रहा है।
'इमर्जेंसी अप्रूवल देना सरकार के हाथ में'

प्रसाद ने ईटी से बातचीत में कहा, "इमर्जेंसी अप्रूवल हमारे हाथ में नहीं है। भारत के ड्रग कंट्रोलर्स के पास वो सारा डेटा है जो हमारे पास है और वे चाहें तो किसी भी वक्त इमर्जेंसी अप्रूवल दे सकते हैं। सरकार ने इशारा भी किया है कि कुछ इंडस्ट्रीज जरूरत पड़ने पर सीधे वैक्सीन खरीद सकती हैं। तो ऐसे मुद्दों पर सरकार को ही फैसला करना होगा।"
Covaxin सेफ है, यही तय करने को बड़े पैमाने पर ट्रायल

प्रसाद ने कहा कि भारत जैसे बड़े देश में किसी भी वैक्सीन का बड़ा ट्रायल जरूरी है। उन्होंने कहा, "हमने महसूस किया कि हमारे साइज के देश में बड़े पैमाने पर (वैक्सीन के) असर का ट्रायल करना जरूरी है, ठीक उसी तरह जैसे अधिकतर अंतरराष्ट्रीय कंपनियां कर रही हैं। हमारे लिए वैक्सीन की सेफ्टी सबसे अहम है।" उन्होंने कहा कि अगर कंपनी फेज 3 ट्रायल पूरा होने का इंतजार करती है तो फाइनल लाइसेंस अगले साल की दूसरी तिमाही तक आ सकता है।
दूसरे कोरोना वायरस पर भी असरदार है वैक्सीन?

भारत बायोटेक के मुताबिक, Covaxin का शुरुआती डेटा बेहद 'शानदार' रहा है। कंपनी यह भी देख रही है कि क्या इस वैक्सीन से बनने वाली ऐंटीबॉडीज SARS-COV-2 के अलावा दूसरे कोरोना वायरस से भी रक्षा करती हैं या नहीं। यह चेक करने के लिए कंपनी ने शुरुआती सैंपल पुणे के नैशनल इंस्टिट्यूट ऑफ वायरलॉजी (NIV) भेजे हैं।
वैक्सीन अप्रूवल को लेकर स्थिति साफ नहीं

दुनियाभर में कोरोना वैक्सीन की रेस अब आखिरी लैप में है। कुछ कंपनियों ने इशारा किया है कि वे 2020 खत्म होने से पहले ही वैक्सीन लॉन्च कर सकती है। हालांकि भारत में इसे लेकर स्थिति साफ नहीं है कि पहली वैक्सीन को कब मंजूरी मिलेगी। स्वास्थ्य मंत्रालय ने पिछले दिनों मार्च 2021 तक वैक्सीन अप्रूवल की बात कही थी।
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