विशेष संवाददाता, नई दिल्ली सरकार ने कोरोना जांच में इस्तेमाल की जा रही रैपिड टेस्ट किट्स की जांच कराने का फैसला किया है। इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) ने राज्यों से कहा है कि फिलहाल दो दिन तक कोई रैपिड टेस्ट न करें। कुछ राज्यों ने इन चीनी किट्स की क्वॉलिटी पर सवाल खड़े कर दिए थे। ऐसे आरोप लग रहे थे कि ये किट्स खराब क्वॉलिटी की हैं। राजस्थान ने तो अपने यहां इन किट्स के इस्तेमाल पर बैन ही लगा दिया। हरियाणा ने भी चाइनीज किट का ऑर्डर कैंसल कर दिया। ICMR के चीफ साइंटिस्ट डॉ. रमन गंगाखेडकर ने कहा कि दो दिन तक इस किट के फील्ड ट्रायल किए जाएंगे। जांच के नतीजे ठीक नहीं मिले तो इन्हें रिप्लेस किया जाएगा। फिलहाल इन किट्स के नतीजों में 6 से 76 प्रतिशत तक का अंतर पाया गया है। रैपिड एंटीबॉडी टेस्ट किट से संक्रमण का तो पता चलता है, मगर अंतिम नतीजे पर पहुंचने के लिए आरटी-पीसीआर टेस्ट करना ही पड़ेगा। केंद्र ने कोरोना के मामले बढ़ने पर रैपिड टेस्ट कराने का फैसला किया था। इस बीच सरकार का कहना है कि वह कोरोना टेस्ट की क्षमता बढ़ाना चाहती है। उसका लक्ष्य 31 मई तक रोज एक लाख टेस्ट करने की क्षमता हासिल करना है। अभी यह क्षमता इसकी आधी है। इसके लिए आईसीएमआर ने 16 डिपो बनाए हैं। 'हर मरीज को कोरोना संदिग्ध मानें अस्पताल' सरकार ने कोरोना का इलाज नहीं कर रहे अस्पतालों से कहा है कि वे अपने पास आने वाले हर शख्स को कोरोना का संदिग्ध मरीज मानते हुए एहतियात बरतें। ऐसा करने की जरूरत इसलिए पड़ी है कि किसी और रोग का इलाज कराने आए कई रोगी कोरोना के भी पेशंट निकल रहे हैं। इसके कारण कई अस्पतालों में डॉक्टर और मेडिकल स्टाफ कोरोना की चपेट में आ गए और अस्पतालों को बंद करना पड़ा। सरकार ने यह भी कहा कि विदेश में किसी भारतीय की कोविड-19 के कारण मौत होने पर बेहतर होगा कि उसके शव को भारत न लाया जाए। शव को देश में लाया जाता है तो से मौत होने का सर्टिफिकेट एयरपोर्ट या बंदरगाह पर पेश करना होगा।
from India News: इंडिया न्यूज़, India News in Hindi, भारत समाचार, Bharat Samachar, Bharat News in Hindi https://ift.tt/34WyoTB
पहले रैपिड टेस्ट किट का ही होगा टेस्ट
Reviewed by IB CITY
on
8:54 AM
Rating:

No comments:
Thanks for visit IB City