भारत में मंगलवार से ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी और ब्रिटिश-स्वीडिश कंपनी एस्ट्राजेनिका द्वारा विकसित कोरोना वायरस वैक्सीन कोविशील्ड के दूसरे चरण का क्लीनिकल ट्रायल शुरू किया जाएगा। ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी ने भारत में अपने कोरोना वैक्सीन के उत्पादन के लिए पुणे की सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया को पॉर्टनर बनाया है। कोविशील्ड की सुरक्षा और प्रतिरोधक क्षमता जांचने के लिए पुणे स्थित भारती विद्यापीठ चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल में स्वस्थ वयस्क भारतीयों पर नियंत्रित अध्ययन किया जाएगा।Coronavirus Vaccine Updates: भारत में मंगलवार से ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी और ब्रिटिश-स्वीडिश कंपनी एस्ट्राजेनिका द्वारा विकसित कोरोना वायरस वैक्सीन कोविशील्ड के दूसरे चरण का क्लीनिकल ट्रायल शुरू किया जाएगा। ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी ने भारत में अपने कोरोना वैक्सीन के उत्पादन के लिए पुणे की सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया को पॉर्टनर बनाया है।

भारत में मंगलवार से ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी और ब्रिटिश-स्वीडिश कंपनी एस्ट्राजेनिका द्वारा विकसित कोरोना वायरस वैक्सीन कोविशील्ड के दूसरे चरण का क्लीनिकल ट्रायल शुरू किया जाएगा। ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी ने भारत में अपने कोरोना वैक्सीन के उत्पादन के लिए पुणे की सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया को पॉर्टनर बनाया है। कोविशील्ड की सुरक्षा और प्रतिरोधक क्षमता जांचने के लिए पुणे स्थित भारती विद्यापीठ चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल में स्वस्थ वयस्क भारतीयों पर नियंत्रित अध्ययन किया जाएगा।
वैक्सीन को लेकर कयासबाजियां जारी

सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया में सरकार एवं विनियामक मामलों के अतिरिक्त निदेशक प्रकाश कुमार सिंह ने कहा कि हमें केंद्रीय औषधि मानक एवं नियंत्रण संगठन से सभी मंजूरी मिल गई है। हम 25 अगस्त से भारती विद्यापीठ चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल में मानव क्लीनिकल परीक्षण शुरू करने जा रहे हैं। कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया था कि सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया की वैक्सीन कोविशील्ड 73 दिन के भीतर बाजार में उपलब्ध होगी। मगर कंपनी का कहना है कि यह केवल कयास हैं। वैक्सीन बाजार में तभी आएगी जब ट्रायल सफल हों और रेगुलेटरी अप्रूवल मिल जाए।
भारत में 17 सेंटर्स पर वैक्सीन का ट्रायल जारी

'नेचर' जर्नल में छपी स्टडी के मुताबिक, बंदरों पर यह वैक्सीन पूरी तरह असरदार साबित हुई। उनमें कोविड-19 के प्रति इम्यूनिटी डेवलप हुई। इंसानों पर फेज 1 और 2 ट्रायल पूरा हो चुका है। भारत, ब्राजील समेत दुनिया के कई देशों में फेज 3 ट्रायल जारी है। 17 सेंटरों पर 1600 लोगों के बीच यह ट्रायल 22 अगस्त से शुरू हुआ है। हर सेंटर पर करीब 100 वालंटिअर हैं। नवंबर तक ट्रायल पूरा होने की उम्मीद है। नतीजे अच्छे रहे तो रेगुलेटरी अप्रूवल के बाद वैक्सीन का लार्ज-स्केल प्रॉडक्शन शुरू होने में अगले साल की शुरुआत तक का वक्त लग सकता है।
किसने बुक कर दी है ऑक्सफर्ड की वैक्सीन?

दुनियाभर के देशों ने ऑक्सफर्ड की वैक्सीन खरीदने में दिलचस्पी दिखाई है। यूनाइटेड किंगडम ने 100 मिलियन डोज की डील की है। ब्राजील सरकार ने भी 127 मिलियन डॉलर में 30 मिलियन डोज खरीदने का सौदा किया है। यूरोपियन यूनियन के कई देश अभी सौदेबाजी की प्रक्रिया में हैं। ऑक्सफर्ड ने कहा है कि यूके में यह वैक्सीन कम दाम में मिलेगी।
भारत भी कई वैक्सीन निर्माताओं के संपर्क में

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन ने कहा कि हमारी एक वैक्सीन कैंडिडेट क्लिनिकल ट्रायल के तीसरे चरण में है। सरकार सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के अलावा कई फार्मा कंपनियों के संपर्क में है और ज्यादा से ज्यादा टीके हासिल करना चाहती है। अगर ICMR और भारत बायोटेक द्वारा विकसित की जा रही 'कोवैक्सीन' और जायडस कैडिला की 'ZyCoV-D' ट्रायल में सफल होती हैं, तो उनके ऑर्डर भी दिए जा सकते हैं।
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